परिवहन विभाग सह यातायात विभाग  के नियमो की अनदेखी क्यों , लापरवाह कौन विभाग या आम लोग ???

Bihar Government DTO BIHAR INFO HUB Traffic Rules
इन दिनों बिहार में विभागीय नियमो की लापरवाही हर तरफ दिख रहा है , वो चाहे कार्यालय से आम जनता तक हो। इसके पहले वाले पोस्ट में हमने देखा था की दो पहिया और चार पहिया या तीन पहिया वाहन या बड़े वाहन जो की सार्वजनिक या निजी वाहन होते है उनके अनेक तरह के नियम होते है।  लेकिन देखना ये है की  कितने प्रतिसत विभाग सही से काम करते है और कितने आम लोग। कुछ महत्त्व नियम देखे जाये यातायात सम्बंधित तोह गाड़ी के कागजात और यात्री सुरक्षा सबसे महत्त्वपूर्ण है। 
दो पहिया और चार पहिया अथवा सार्वजनिक वाहन  के नियम पर एक नज़र :
  • दो पहिया वहां चालकों को तथा उनपर सवार लोगो को सबसे पहले सुरक्षा मानक वाले हेलमेट ( ISI HOLOGRAM ) लगाना होता है जो की बाजार में उपलब्ध होता है लेकिन इसके साथ बाजार में बिना मानक वाले हेलमेट भी बिकते है जिसमे गलती विभाग की होती है की इनके निर्माण कंपनी को प्रतिबंधित करनी चाहिए थी और इन जैसे कंपनी को मान्यता नहीं देना चाहिए था इससे सुरक्षा के साथ आर्थिक  क्षति भी बहुत होती है सरकार को। चार पहिया वहां पर सवार लोगो को SEAT  BELT का उपयोग करना अनिवार्य है ताकि सुरक्षित  रह सके और ये आम नागरिक को खुद समझना चाहिए ।  
  • दूसरा सबसे महत्त्वपूर्ण बात जो की लोगो को ध्यान देना होता है की आपके गाडी के कागज़ात सभी सही और पूर्ण हो ताकि कभी परेशानी न हो।  कागज़ात के नाम  पर रजिस्ट्रेशन कार्ड , ड्राइविंग लाइसेंस , प्रदुषण , बिमा और सार्वजनिक वाहन के लिए ROAD PERMIT के कागज़ात होने चाहिए जो की अमूमन इससे आम जनता को बनाना पड़ता है लेकिन इसमें कुछ `कागज़ात ऐसे है जिसे विभाग द्वारा निर्गत किया जाता है उसके लिए सबसे कड़े प्रवधान है यातायात नियम में तोह क्या है सच्चाई।  ड्राइविंग लाइसेंस के बिना किसी को वाहन चलाने का इज़ाज़त नहीं है वही बिना रजिस्ट्रेशन कार्ड और नंबर के बिना आप वहां को कही भी सड़क पर लेकर नहीं जा सकते है , लेकिन इसमें विभाग की अहम् भूमिका होता है।  अगर परिवहन विभाग ही इसमें गाडी नंबर और रजिस्ट्रेशन कार्ड न दें और हम वहां लेकर बहार सड़क पर जाते है तो चालान कटना निश्चित है और सबसे बड़ा सवाल ये है की आखिर परिवहन विभाग के लेट लतीफी का खामियाज़ा आम जनता को क्यों भुगतना ?? और अगर इतना ही है तोह वाहन शोरूम को निर्देशित करें की बिना NUMBER के वहां के बिक्री पर रोक हो  लेकिन कोई अपना घाटा क्यों करवाए विभागीय लेट लतीफी के कारण। कंपनी गाड़ी बेचती है और विभाग देरी और जेब ढीली आम जनता की होती है यही है तंत्र।  अगर विभाग की लापवाही है तो चालान भी विभाग का होना चाहिए आखिर आम जनता क्यों भुगते किसी और के कारन और है जहा तक बात प्रदूषण और बिमा का उसमे पूर्णतः वहां मालिक और चालक जिममेदार होते है। 
  • अब तीसरी और शख्त कानून जिससे सुरक्षा का एहसास होता है वो है गाडी की रफ्तार और उससे चलने का तरीके जिससे आप सयम और दूसरे व्यक्ति की सुरक्षा का ख्याल रखते है।  अगर कोई भी व्यक्ति बेतरतीब ढंग से वाहन चलाता  है और इससे कोई अप्रिय घटना होता जिसमे खुद कुछ हो या न हो लेकिन रोड पर और लोगो को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है  तो इसका जिम्मेदार वो व्यक्ति होता है जो बेतरतीब ढंग से चलता है चाहे कोई भी वहां और इसमें शख्त  और कड़े सजा का प्रावधान है और हमेशा इसमें फेर बदल होता रहता है कड़ाई किया जा रहा है । और एक बात की विपरीत दिशा में चलने वाले वाहन से घाटनाये  अधिक होता है जो की विचार योग्य है इसमें आम नागरिक का गैर जिम्मेदरान रवैया है।  
  • अब कुछ खास बात करते है सार्वजनिक वाहन के नागरिक सुरक्षा के कुछ खास सवाल पर।  आज जितने भी सार्वजनिक वाहन है सबसे पहले जितना लोगो को बैठेने की छमता है,  अधिकतर वाहन  में क्षमता से ज्यादा लोगो को भर दिया जाता है ये भी नहीं सोचा जाता है की इससे कुछ भी दुर्घटना हो सकता है और लोग भी नासमझ होते है जो कभी अपने और अपने परिवार का नहीं सोचते। 
  • और चौथा अहम् बात है चौक चौराहा पर यातायात विभाग द्वारा वाहन के गतिविधि पर नजर जो की सब जगह नहीं देखने को मिलती सिर्फ कुछ प्रमुख चैराहे पे ही दिखते है। तो इसमें थोड़ा विशेष धयान देने की जरुरत है जहा खास कर आस पास विद्यालय और अस्पताल हो। 
अंततः  मेरा सभी आम नागरिक से एक सवाल क्या सिर्फ परिवाह और यातायात विभाग ही दोषी है आय दिन होने वाले दुर्घटना है , अगर हम अपने जान के साथ दूसरे लोग की भीं चिंता करें करें ताकि सभी अपने परिवार से  मिलसके तो सब सही हो जायेगा। . आज जिसे घटना या दुर्घटना कहा जा रहा है वो कथित तौर पर  और सोची समझी हत्या है . 
अंततः मेरा विभाग से एक निवेदन की कृपया कुछ कारण जिससे की सच में आम नागरिक को परेशानी हो रही है उन्हें जल्द दूर करें ( खास कर रजिस्ट्रेशन कार्ड ) और अपने यातायात विभाग को किसी खास दिन सभी नियमो की जाँच करने के का जो आदेश पारित होता है उससे प्रतिदिन सभी पर शख्त तौर पर जारी रखे ताकि लोगो में जागरूकता आये और कानून को ढीले में लेने वालो एक सिख मिले।  
अगर मेरी बात का ख़राब लगा हो तो उसके लिए तहे दिल से क्षमा मांगता हु।   
 

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