Info Bihar | National Desk
उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस चालक को झपकी आने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बिहार पुलिस के एक दारोगा, एक कैदी समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 यात्री घायल हो गए।
यह हादसा उन्नाव जिले के औरास क्षेत्र में सुबह करीब 6 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि बस करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।
झपकी बनी हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, श्री सरोज ट्रैवल्स की स्लीपर बस में लगभग 45 यात्री सवार थे। अधिकांश यात्री उस समय गहरी नींद में थे। तभी औरास क्षेत्र के निंभाखेड़ा के पास चालक को अचानक झपकी आ गई।
इसके बाद बस का पिछला हिस्सा अंडरपास की कंक्रीट पुलिया के डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि बस बाईं ओर एल्युमिनियम गार्ड तोड़ते हुए भारी वाहन लेन में पलट गई।
बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे।
10 मिनट बाद शुरू हुआ राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा और औरास पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया।
डॉक्टरों ने बिहार के सिवान निवासी दारोगा रविचरन और हरियाणा निवासी कैदी छत्रपाल तोमर को मृत घोषित कर दिया। उनके साथ मौजूद एक सिपाही घायल हो गया।
दिल्ली से लौट रहे थे दारोगा और कैदी
बताया गया कि दारोगा रविचरन कैदी छत्रपाल को बयान दर्ज कराने दिल्ली लेकर गए थे और वहां से बिहार लौट रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
मृतकों की पहचान
हादसे में मरने वालों में शामिल हैं:
- दारोगा रविचरन — निवासी सिवान, बिहार
- छत्रपाल तोमर — निवासी हरियाणा
- सुरेश कुमार जायसवाल — निवासी गोरखपुर
- विजेशी गुप्ता — निवासी गोरखपुर
- विजय कुमार — निवासी बस्ती
- एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है
21 घायल लखनऊ रेफर
हादसे में घायल 21 यात्रियों को गंभीर हालत में केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। प्रशासन के अनुसार कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
एक घंटे तक प्रभावित रहा ट्रैफिक
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की भारी और हल्के वाहनों की लेन लगभग एक घंटे तक बाधित रही। बाद में यूपीडा ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर रास्ता खाली कराया।
सूचना मिलने पर डीएम घनश्याम मीना और एसपी जयप्रकाश सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी की ड्राइविंग में ड्राइवर fatigue को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- लगातार ड्राइविंग,
- पर्याप्त आराम की कमी,
- और ओवरस्पीड
ऐसे हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं।
निष्कर्ष
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया।
जरूरत है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन हो और लंबी दूरी के ड्राइवरों के लिए नियमित आराम सुनिश्चित किया जाए।
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