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भोजपुर ENCOUNTER पर उठे सवाल : फेसबुक लाइव करने वाले युवक की पीएमसीएच में मौत, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

आरा/भोजपुर | Info Bihar

भोजपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए युवक की पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। मृतक युवक वही बताया जा रहा है जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव के माध्यम से पुलिस को चुनौती दी थी। घटना के बाद जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को सही बता रही है, वहीं परिजनों ने पूरे मामले को फर्जी एनकाउंटर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार भोजपुर जिले के एक युवक ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर हथियार लहराते हुए पुलिस और प्रशासन को चुनौती दी थी। वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

पुलिस का दावा है कि युवक को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस और युवक के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें युवक के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया।

हालांकि इलाज के दौरान युवक की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि युवक को पहले आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का मौका मिला था, लेकिन बाद में पुलिस ने उस पर फायरिंग की।

परिजनों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था और उसका व्यवहार सामान्य नहीं था। उनका आरोप है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान उसने विरोध किया और स्थिति बिगड़ने पर कार्रवाई करनी पड़ी।

पुलिस का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और मामले की जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन चिंता का विषय

यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और अपराधी छवि बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को सामने लाती है। हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां युवा लाइक्स और लोकप्रियता के लिए हथियारों के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रवृत्तियां युवाओं को गलत दिशा में ले जाती हैं और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं।

निष्पक्ष जांच की मांग

युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मुठभेड़ की परिस्थितियां क्या थीं और घटना में किसकी क्या भूमिका थी।

वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

समाज के लिए संदेश

यह घटना दो महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है—पहला, सोशल मीडिया पर हथियारों और आपराधिक गतिविधियों के महिमामंडन को कैसे रोका जाए, और दूसरा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाए।

जब तक युवा सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए गलत रास्ता अपनाते रहेंगे और समाज ऐसे व्यवहार को प्रोत्साहित करता रहेगा, तब तक इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहेंगी। वहीं प्रशासन के लिए भी यह आवश्यक है कि हर कार्रवाई पारदर्शी और कानून सम्मत हो ताकि जनता का विश्वास बना रहे।

(नोट: मामला जांच के अधीन है। अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।)

— Info Bihar News Desk

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