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‘सहयोग शिविर’: अब आपकी शिकायतें, आपके पंचायत में

बिहार सरकार ने सुशासन और जन-भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए ‘सहयोग शिविर’ का शुभारंभ किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की विवशता को समाप्त करना और समस्याओं का समाधान सीधे नागरिक के दरवाजे तक पहुँचाना है।

क्या है ‘सहयोग शिविर’?

यह एक बहु-आयामी जन-सुनवाई कार्यक्रम है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के लाभों को आम जनता तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का त्वरित निपटारा करना है।

शिविर की मुख्य विशेषताएं:

नियमित आयोजन: ये शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को प्रत्येक पंचायत में आयोजित किए जा रहे हैं।

एक ही छत के नीचे समाधान: इन शिविरों में राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, बिजली और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इससे नागरिक को अपनी शिकायत के लिए अलग-अलग कार्यालयों में नहीं भटकना पड़ता।

समयबद्ध निस्तारण: शिकायतों को दर्ज करने के बाद, सरकार ने उन्हें 30 दिनों के भीतर हल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

डिजिटल मॉनिटरिंग: प्रत्येक शिकायत को एक डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, ताकि राज्य स्तर से इसकी निगरानी की जा सके और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

किन समस्याओं का समाधान संभव है?

इन शिविरों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है:

1. भूमि और राजस्व: भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और मापी से संबंधित समस्याएं।

2. सामाजिक सुरक्षा: पेंशन (वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग) के आवेदन और समस्याओं का निराकरण।

3. सरकारी योजनाएं: राशन कार्ड, आवास योजना, जाति/आय/आवासीय प्रमाण पत्र आदि।

4. बुनियादी सुविधाएं: नलों में पानी की समस्या, स्ट्रीट लाइट, और स्थानीय सड़कों की मरम्मत।

नागरिकों के लिए सुझाव:

तैयारी: शिविर में जाने से पहले अपनी समस्या से संबंधित सभी दस्तावेज़ों (जैसे आधार कार्ड, आवेदन संख्या, या पिछली रसीदें) की फोटोकॉपी साथ रखें।

शिकायत दर्ज करना: अपनी समस्या को स्पष्ट रूप से लिखित में दें और प्राप्ति रसीद (Acknowledgment Receipt) ज़रूर लें।

फीडबैक: यदि आपकी समस्या का समाधान तय समय सीमा में नहीं होता है, तो आप अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से मिलकर इसकी जानकारी दे सकते हैं।

यह पहल बिहार के ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाती है, बल्कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता भी लाती है।

क्या आप अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले अगले ‘सहयोग शिविर’ की तारीख या स्थान के बारे में जानना चाहते हैं?

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