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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू: जींद- सोनीपत रूट, किराया, टाइमिंग और 14 स्टॉपेज की पूरी जानकारी

Info Bihar | National News | 17 जुलाई 2026

भारत ने हरित परिवहन (Green Mobility) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेनें चल रही हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन क्यों है खास?

हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल मानी जाती है। इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे प्रदूषण बेहद कम होता है और केवल जलवाष्प (Water Vapour) का उत्सर्जन होता है।

यह परियोजना भारतीय रेलवे के ग्रीन मोबिलिटी मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली विकसित करना है।

जींद से सोनीपत तक चलेगी ट्रेन

नई हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद जंक्शन से सोनीपत जंक्शन के बीच संचालित होगी। यह सफर लगभग दो घंटे में पूरा करेगी और रास्ते में कुल 14 स्टेशनों पर ठहरेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन का रूट

वापसी में भी ट्रेन इन्हीं स्टेशनों पर क्रमवार रुकेगी।

कितना होगा किराया?

भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का किराया आम यात्रियों को ध्यान में रखते हुए बेहद किफायती रखा है।

ट्रेन की टाइमिंग

हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 74010 और 74009 सेवा संख्या के तहत किया जाएगा।

जींद से सोनीपत

सोनीपत से जींद

यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह ट्रेन?

निष्कर्ष

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि देश के हरित और आधुनिक परिवहन भविष्य की शुरुआत है। कम किराया, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और बेहतर यात्रा अनुभव के साथ यह ट्रेन भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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