20 सरकारी स्कूलों में रोजगारोन्मुख शिक्षा की शुरुआत, छात्र अपनी रुचि के अनुसार चुन सकेंगे वोकेशनल विषय
INFO BIHAR | शिक्षा | पटना
पटना जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारोन्मुख (Vocational) शिक्षा भी मिलेगी। जिले के 20 सरकारी स्कूलों में विभिन्न वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही रोजगार के लिए तैयार करना है।
इस पहल के तहत छात्रों को वेब डेवलपमेंट, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लंबिंग, एग्रीकल्चर और एपारेल एंड होम फर्निशिंग जैसे आधुनिक एवं व्यावहारिक विषयों की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
इन वोकेशनल कोर्स की होगी पढ़ाई
चयनित स्कूलों में निम्नलिखित रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे—
- 💻 Web Developer
- 🖥️ IT & ITES (Information Technology & IT Enabled Services)
- ⚡ Electronics & Hardware
- 👕 Apparel & Home Furnishing
- 🌾 Agriculture
- 🚰 Plumbing
प्रत्येक चयनित विद्यालय में दो वोकेशनल कोर्स संचालित किए जाएंगे और विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार इनमें से एक विषय का चयन कर सकेंगे।
9वीं से ही मिलेगा स्किल डेवलपमेंट का अवसर
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को कम उम्र से ही तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल सिखाया जाएगा। इससे वे उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
विशेष रूप से Web Development और IT & ITES जैसे कोर्स डिजिटल युग में युवाओं के लिए बेहतर करियर विकल्प साबित हो सकते हैं।
रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार के अनुसार, इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने बताया कि—
- आईटी सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
- तकनीकी कौशल विकसित होगा।
- स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
- उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित युवा तैयार होंगे।
इन 20 सरकारी स्कूलों में शुरू होंगे वोकेशनल कोर्स
पटना जिले के निम्नलिखित सरकारी विद्यालयों को इस योजना के लिए चयनित किया गया है—
- धनेश्वरी देवनंदन गर्ल्स हाई स्कूल, दानापुर
- श्री रघुनाथ प्रसाद उच्च विद्यालय, कंकड़बाग
- मारवाड़ी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पटना सिटी
- राजकीय गर्ल्स उच्च विद्यालय, जल्ला
- बीएन कॉलेजिएट हाई स्कूल, पटना
- सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फुलवारीशरीफ
- हाई स्कूल, फतुहा
- दुनियारी उच्च विद्यालय, मनेर
- दीन दयाल सिंह हाई स्कूल, अथमलगोला
- टीपी सिंह स्कूल, बिहटा
- एलएनआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पंडारक
- हाई स्कूल बेड़ना, बाढ़
- राजकीयकृत हाई स्कूल, बेलछी
- गवर्नमेंट हाई गर्ल्स हाई स्कूल, पटना
- गांधी आर्य कन्या हाई स्कूल, पटना
- सर जीडी पाटलिपुत्र हाई स्कूल, पटना
- व्यापार मंडल कन्या हाई स्कूल, फतुहा
- श्रीराम गोविंद सिंह हाई स्कूल, फुलवारीशरीफ
- राजकीयकृत हाई स्कूल, पालीगंज
- शहीद रामानंद राम गोविंद हाई स्कूल, पुनपुन
विद्यार्थियों को क्या होगा लाभ?
इस योजना से विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे—
- ✔ स्कूली शिक्षा के साथ तकनीकी कौशल
- ✔ 9वीं कक्षा से करियर की तैयारी
- ✔ आईटी एवं डिजिटल सेक्टर में रोजगार की संभावना
- ✔ स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर
- ✔ उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण
- ✔ उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक योग्यता
बिहार में स्किल एजुकेशन को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप बिहार सरकार विद्यालय स्तर पर कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के पाठ्यक्रमों का प्रभावी संचालन हुआ, तो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निजी संस्थानों की तरह आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।
निष्कर्ष
पटना के 20 सरकारी स्कूलों में वोकेशनल कोर्स की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। 9वीं कक्षा से ही छात्रों को वेब डेवलपमेंट, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लंबिंग और कृषि जैसे व्यावहारिक विषयों की पढ़ाई मिलने से वे भविष्य के रोजगार बाजार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। यह पहल कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है।
