• Wed. Jul 22nd, 2026

बिहार को मिलेंगे तीन नए गंगा पथ, 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर; जल्द शुरू होगा सर्वे

बिदुपुर-दिघवारा, मनेर-बक्सर और नारायणी पथ परियोजना से सड़क संपर्क होगा मजबूत, यात्रा होगी तेज और आसान

INFO BIHAR | इंफ्रास्ट्रक्चर | बिहार समाचार

बिहार में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य के लोगों को जल्द ही तीन नए गंगा पथ (Riverfront Corridor) की सौगात मिलने वाली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पटना सहित छह प्रमुख जिलों के बीच आवागमन पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) ने इन परियोजनाओं को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। टेंडर प्रक्रिया के बाद अब जल्द ही तीनों प्रस्तावित गंगा पथों का सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा।


तीन नए गंगा पथों का होगा निर्माण

राज्य सरकार जिन तीन प्रमुख परियोजनाओं पर काम शुरू करने जा रही है, उनमें शामिल हैं—

1. गंगा अंबिका पथ

बिदुपुर (वैशाली) से दिघवारा (सारण)

  • अनुमानित लंबाई: 56 किलोमीटर
  • गंगा नदी के किनारे आधुनिक सड़क का निर्माण

2. विश्वामित्र पथ

मनेर (पटना) से बक्सर

  • अनुमानित लंबाई: 90 किलोमीटर
  • पटना और बक्सर के बीच यात्रा होगी तेज

3. नारायणी पथ

दरिहारा (कोन्हुआ), सारण से डुमरिया घाट, गोपालगंज

  • अनुमानित लंबाई: 73.51 किलोमीटर
  • सारण और गोपालगंज के बीच बेहतर संपर्क

जल्द शुरू होगा विस्तृत सर्वे

बिहार राज्य पथ विकास निगम के अनुसार, सर्वे के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।

इनमें शामिल हैं—

  • अंतिम एलाइनमेंट (Final Alignment)
  • ट्रैफिक घनत्व का आकलन
  • परियोजना की अनुमानित लागत
  • भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता
  • पर्यावरणीय प्रभाव
  • पुल एवं अन्य संरचनाओं की जरूरत
  • भविष्य की यातायात क्षमता

सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाई जाएगी।


टोल टैक्स पर भी होगा अध्ययन

सरकार इन गंगा पथों पर भविष्य में टोल टैक्स लगाने की संभावना पर भी विचार कर रही है।

हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पहले सर्वे और आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि इन मार्गों पर टोल लगाया जाए या नहीं।


किन जिलों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ?

इन तीनों परियोजनाओं से मुख्य रूप से निम्नलिखित जिलों को लाभ मिलेगा—

  • पटना
  • सारण
  • वैशाली
  • भोजपुर
  • बक्सर
  • गोपालगंज

इसके अलावा आसपास के कई अन्य जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।


लोगों को क्या मिलेगा फायदा?

इन नए गंगा पथों के बनने से कई बड़े लाभ सामने आएंगे—

बेहतर सड़क संपर्क

गंगा किनारे नए कॉरिडोर बनने से जिलों के बीच यात्रा अधिक आसान होगी।

ट्रैफिक जाम से राहत

मुख्य राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा।

यात्रा का समय घटेगा

लंबी दूरी तय करने में कम समय लगेगा।

व्यापार और उद्योग को बढ़ावा

तेज परिवहन व्यवस्था से कृषि, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

पर्यटन को मिलेगा लाभ

गंगा किनारे स्थित धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

नए सड़क नेटवर्क से गांवों को बेहतर संपर्क मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


बिहार में तेजी से बढ़ रहा इंफ्रास्ट्रक्चर

पिछले कुछ वर्षों में बिहार में कई बड़ी सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। गंगा एक्सप्रेस कॉरिडोर, नए पुल, फोरलेन सड़कें और रिवरफ्रंट सड़कें राज्य के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

तीन नए गंगा पथ भी इसी विकास यात्रा का हिस्सा माने जा रहे हैं।


आगे क्या होगा?

अब चयनित एजेंसी द्वारा विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा।

इसके बाद—

  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी।
  • लागत का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।
  • आवश्यक स्वीकृतियां ली जाएंगी।
  • भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
  • निर्माण कार्य के लिए अंतिम निविदा जारी की जाएगी।

निष्कर्ष

बिहार में प्रस्तावित तीन नए गंगा पथ राज्य की सड़क अवसंरचना को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं। इन परियोजनाओं से छह प्रमुख जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा का समय कम होगा और व्यापार, पर्यटन तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद इन परियोजनाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।