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बिहार में 1 अप्रैल 2026 से बिजली दरों में राहत, 35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज। जानिए नए बिजली रेट, ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को कितना फायदा होगा।

🔌 1 अप्रैल से बिहार में सस्ती होगी बिजली

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली दरों में 35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसका सीधा फायदा राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा।

अब 1 अप्रैल 2026 से राज्य में बिजली सस्ती दर पर ही मिलेगी, जिससे आम लोगों के बिजली बिल में कमी आएगी।

⚡ क्या था प्रस्ताव?

बिजली कंपनियों ने सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए 35 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली महंगी करने का प्रस्ताव दिया था।लेकिन आयोग ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और मौजूदा दरों को ही जारी रखने का फैसला लिया।

🏠 किसे कितना मिलेगा फायदा?

इस फैसले का फायदा खासकर इन लोगों को मिलेगा:

✅ शहरी घरेलू उपभोक्ता

✅ ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता

✅ छोटे व्यवसाय और दुकानदार

✅ कृषि उपभोक्ता

अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही सस्ती बिजली मिलती रहेगी।

📊 नए और पुराने रेट में क्या बदलाव?

आयोग के फैसले के अनुसार:

🚫 घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी

✅️ ग्रामीण और शहरी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को भी राहत मिली है

♻️ कृषि उपयोग के लिए भी दरें नियंत्रित रखी गई हैं

यानी कुल मिलाकर, सभी वर्गों के लिए राहत बरकरार है।

💡 सरकार पर बढ़ेगा बोझइस फैसले के बाद राज्य सरकार को बिजली सब्सिडी के रूप में ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।रिपोर्ट के अनुसार:2023-24 में हजारों करोड़ का अनुदान2024-25 और 2025-26 में भी बढ़ती सब्सिडीइसका मतलब है कि सरकार आम जनता को राहत देने के लिए अतिरिक्त आर्थिक भार उठाएगी।

📈 उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है:

वर्तमान में लगभग 2.13 करोड़ उपभोक्ता 2026 तक यह संख्या 2.22 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद

इससे बिजली की मांग और खपत दोनों में वृद्धि होगी।

🧾 अन्य महत्वपूर्ण फैसलेआयोग ने कुछ अन्य फैसले भी लिए हैं:

गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के फिक्स्ड चार्ज में बदलाव

🚫 छोटे उद्योगों के लिए शुल्क में कमी

♻️कृषि उपयोग के लिए विशेष छूट

📢 निष्कर्ष (Conclusion)

बिहार के लोगों के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत लेकर आया है। बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने से आम जनता, किसान और छोटे व्यवसायियों को सीधा फायदा मिलेगा।यह कदम राज्य में आर्थिक संतुलन बनाए रखने और उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।