1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होगा। गुटखा, बीड़ी और सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी तय। जानें नया टैक्स और बिहार में असर। Tobacco Tax Hike
नई दिल्ली / बिहार:केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर बड़ा फैसला लेते हुए 1 फरवरी से अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) बढ़ाने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद गुटखा, बीड़ी और सिगरेट की कीमतों में इजाफा तय माना जा रहा है। यह टैक्स पहले से लागू 40 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त होगा।सिगरेट पर कितना बढ़ा टैक्स? (Length Wise Excise Duty)सरकार ने सिगरेट की लंबाई के अनुसार उत्पाद शुल्क तय किया है—नॉन-फिल्टर सिगरेट पर ₹2.05 प्रति स्टिकफिल्टर सिगरेट पर ₹2.10 प्रति स्टिक65–70 मिमी लंबाई वाली सिगरेट पर ₹3.6–₹4 प्रति स्टिक70–75 मिमी प्रीमियम सिगरेट पर ₹5.4 प्रति स्टिककुछ श्रेणियों में 1000 स्टिक पर ₹8500 तक उत्पाद शुल्कगुटखा और बीड़ी भी होंगी महंगीनई अधिसूचना के मुताबिक—चबाने वाला एवं जर्दा-युक्त तंबाकू पर 82% उत्पाद शुल्कगुटखा पर 91% उत्पाद शुल्कबीड़ी पर 18% जीएसटी के अतिरिक्त टैक्स लागू होगाइस फैसले से कम कीमत वाले तंबाकू उत्पाद भी महंगे हो जाएंगे।सरकार ने क्यों बढ़ाया तंबाकू टैक्स?सरकार का कहना है कि यह फैसला स्वास्थ्य प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। तंबाकू सेवन से जुड़ी गंभीर बीमारियों को देखते हुए टैक्स बढ़ाकर इसके उपयोग को हतोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही टैक्स ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।तंबाकू कंपनियों पर सख्त नियम लागूतंबाकू उत्पाद निर्माताओं को CCTV निगरानी अनिवार्यउत्पादन मशीनों की संख्या और क्षमता की जानकारी देनी होगीनियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगीबिहार में दिखेगा सीधा असरबिहार में गुटखा और बीड़ी की खपत अधिक होने के कारण इस फैसले का सीधा असर बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। कीमतें बढ़ने से तंबाकू उत्पादों की बिक्री में कमी आने की संभावना है।Conclusion:1 फरवरी से लागू होने वाले नए टैक्स के बाद तंबाकू उत्पाद सस्ते नहीं रहेंगे। गुटखा, बीड़ी और सिगरेट के बढ़ते दाम आम उपभोक्ताओं पर असर डालेंगे, वहीं सरकार को राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।